(जांबाज खाकी के बाद हमारे काले  कोट  की खबर) राजस्थान हाई कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय: वादियों को वकील की अनुपस्थिति के कारण नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-11-29 20:22:50



 

राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि वादियों को अपने वकील की अनुपस्थिति या असमर्थता के कारण नुकसान नहीं उठाना चाहिए। यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में न्याय की प्राथमिकता को दर्शाता है।

मामले की पृष्ठभूमि: 

यह मामला 2017 में अतिरिक्त जिला न्यायालय, नोखा, बीकानेर में दायर एक सिविल मुकदमे से संबंधित है। याचिकाकर्ता, फूलाराम, ने 23 अगस्त 2016 को हुए एक बिक्री विलेख को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें ₹15,45,000 की बिक्री मूल्य में से केवल ₹1,00,000 का भुगतान हुआ था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि शेष राशि का भुगतान नहीं हुआ, जिससे वह स्थायी निषेधाज्ञा की मांग कर रहे थे।

प्रारंभिक न्यायालय का निर्णय: 

प्रारंभ में, प्रतिवादी, बजरंगलाल और रामस्वरूप, ने लिखित बयान दायर किया, लेकिन बाद में वे न्यायालय की कार्यवाही में अनुपस्थित रहे। नतीजतन, 3 जून 2023 को न्यायालय ने याचिकाकर्ता के पक्ष में एकतरफा आदेश पारित किया, जिसमें बिक्री विलेख को रद्द कर दिया गया और प्रतिवादियों को संपत्ति का हस्तांतरण करने से रोका गया।

प्रतिवादियों की पुनर्विचार याचिका: 

प्रतिवादी ने 19 जुलाई 2024 को न्यायालय में एक आवेदन दायर किया, जिसमें उन्होंने अपने वकील की स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया, जो नियमित उपचार के कारण कार्यवाही में अनुपस्थित रहे। न्यायालय ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए एकतरफा आदेश को रद्द कर दिया और प्रतिवादियों पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया।

याचिकाकर्ता की आपत्ति: 

याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में इस निर्णय को चुनौती दी, यह तर्क देते हुए कि प्रतिवादियों और उनके वकील ने उचित प्रयास नहीं किए थे और प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन किया था।

न्यायालय का निर्णय: 

न्यायमूर्ति नुपुर भाटी की पीठ ने कहा कि वादियों को अपने वकील की अनुपस्थिति के कारण नुकसान नहीं उठाना चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन न्याय की प्राथमिकता से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकता।

यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में न्याय की प्राथमिकता को दर्शाता है और सुनिश्चित करता है कि मुकदमेबाजों को अपने वकील की अनुपस्थिति के कारण नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।


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