बंगाल में बीजेपी नेता प्रियांगु पांडे पर हमला: एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट, 12 आरोपी नामजद
2024-11-27 13:55:02

पश्चिम बंगाल में अगस्त 2024 में बीजेपी नेता प्रियांगु पांडे के काफिले पर हुए हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस हमले ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया था।
घटना का विवरण: बम और गोलियों से हुआ हमला
28 अगस्त 2024 को, प्रियांगु पांडे का काफिला भाटपारा क्षेत्र से गुजर रहा था, जब 50-60 हमलावरों ने उन पर बम और गोलियां बरसाईं। हमले में उनके ड्राइवर रवि वर्मा और सहयोगी रबी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के समय पांडे पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के घर जा रहे थे। हमलावरों ने उनकी कार पर 6-7 राउंड फायरिंग की और 7-8 बम फेंके।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
प्रियांगु पांडे ने आरोप लगाया कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने दावा किया कि यह हत्या का प्रयास था। टीएमसी और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हमलावरों को पड़ोसी काकिनारा से बुलाया गया था। दूसरी ओर, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और दावा किया कि गोलीबारी की बात तथ्यों से परे है।
एनआईए की जांच: गहरी साजिश का खुलासा
गृह मंत्रालय के निर्देश पर मामला एनआईए को सौंपा गया। जांच में पता चला कि हमले के पीछे सुनियोजित साजिश थी। आरोपियों की पहचान मोहम्मद आबेद खान, मोहम्मद आरिफ, वसीमुद्दीन अंसारी, मोहम्मद नसीम, फिरदौस इकबाल, संजय शाह, मोहम्मद चांद, आकाश सिंह, मोहम्मद सोहैब अख्तर, मोहम्मद अकबर और सागर सिंह के रूप में हुई है। चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं का हवाला दिया गया है।
हमले का प्रभाव और राजनीतिक तनाव
यह हमला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक संघर्ष को दर्शाता है। घटना ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया। एनआईए ने इसे गंभीरता से लेते हुए यह सुनिश्चित किया कि राजनीतिक हिंसा के सभी पहलुओं की जांच हो।
आगे की जांच
एनआईए द्वारा चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद, मामले की जांच जारी है। इस हमले ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है।