कटिहार एक्सप्रेस की बोगी में शव, फोन से हत्यारे की पहचान: पुलिस जांच की पूरी कहानी
के कुमार आहूजा 2024-11-27 13:28:18

19 नवंबर, 2024 को कटिहार एक्सप्रेस की दिव्यांगों के लिए आरक्षित बोगी में एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक के सामान, जिनमें मोबाइल फोन और नकदी शामिल थे, गायब पाए गए। प्रारंभिक जांच में, हत्या का मकसद चोरी और लूट माना गया।
मोबाइल फोन से मिला सुराग
हावड़ा जीआरपी के एसआरपी एम. पुष्पा ने बताया कि मृतक का मोबाइल फोन हत्या के दिन निष्क्रिय था, लेकिन अगले दिन उसकी लोकेशन आंध्र प्रदेश में पाई गई। 21 नवंबर को यह तमिलनाडु में एर्नाकुलम एक्सप्रेस के साथ चलते पाया गया। फोन की गतिविधि से पता चला कि यह आरोपी के पास था। इसके आधार पर, गुजरात पुलिस ने आरोपी को वलसाड जिले से गिरफ्तार किया।
गुजरात पुलिस की भूमिका
गुजरात पुलिस ने फोन की पहचान कर पुष्टि की कि यह मृतक का ही है। इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि हत्या संभवतः लूट के उद्देश्य से की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी ने मामले को और स्पष्ट कर दिया, और चोरी किए गए सामान ने मामले में ठोस सबूत प्रदान किया।
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के समय ट्रेन में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था, जिससे बोगी में हुई घटना का तुरंत पता नहीं चल पाया। इस लापरवाही के चलते रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना के बाद, विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने रेलवे की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
मामले में आगे की कार्रवाई
आरोपी से पूछताछ जारी है, और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में और लोग शामिल थे या नहीं। पुलिस ने यह भी जांच शुरू की है कि कहीं हत्या किसी संगठित गिरोह का काम तो नहीं।