युवती के अपहरण के प्रयास के बाद सरधना में दो समुदायों में झड़प, 12 घायल, तनावपूर्ण माहौल
के कुमार आहूजा 2024-11-27 07:08:33

उत्तर प्रदेश के सरधना पुलिस स्टेशन क्षेत्र में सोमवार को दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। एक युवती से छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास के आरोपों के बाद हालात बिगड़ गए। इसके चलते पथराव, लाठी-डंडों और फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए तीन थानों की फोर्स तैनात की और कई आरोपियों को हिरासत में लिया।
घटना की शुरुआत: युवती से छेड़छाड़ और अपहरण का प्रयास
रविवार सुबह, ग्रामीण इलाक़े में एक युवती गोबर के उपले बना रही थी, तभी कुछ युवकों ने कथित तौर पर उसके साथ छेड़छाड़ की और उसे जबरन अगवा करने का प्रयास किया। युवती किसी तरह उनकी पकड़ से बचकर घर पहुंची और अपनी आपबीती परिवार को सुनाई। परिजनों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
ग्राम पंचायत का फैसला और मामला बिगड़ना
पुलिस की सूचना पर गांव में पंचायत बुलाकर मामला सुलझाने की कोशिश की गई। पंचायत के दौरान आरोपी पक्ष ने माफी मांगी। लेकिन, इसके बावजूद आरोपी और उनके समर्थक हथियारों के साथ युवती के घर में घुस गए और परिवार पर हमला कर दिया। हंगामा सुनकर पड़ोसी मदद के लिए पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों में पथराव और झगड़ा शुरू हो गया।
पुलिस की कार्रवाई: फोर्स की तैनाती और गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलते ही सरधना, सरूरपुर और रोहता थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने झगड़ रहे समूहों को अलग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। सरधना के सीएचसी अस्पताल में घायलों का इलाज किया गया। ग्रामीण एसपी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में आठ नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
घटनास्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति सामान्य करने के लिए गश्त जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर और लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी हालात में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रभावित समुदायों में तनाव और शांति बहाल की कोशिशें
इस घटना से गांव में सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता से जांच कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।