(आज सबसे पहले खबरों में खबर) उदयपुर सिटी पैलेस विवाद: नवमनोनित महाराणा विश्वराज सिंह और परिवारिक रंजिश का नतीजा


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2024-11-27 06:07:10



 

सोमवार रात उदयपुर के सिटी पैलेस में एक हिंसक झड़प हुई, जब नवमनोनित महाराणा और भाजपा विधायक विश्वराज सिंह को उनके चाचा और पैलेस के ट्रस्टी अरविंद सिंह मेवाड़ ने प्रवेश करने से रोका। विवाद में पत्थरबाजी भी हुई। यह टकराव विश्वराज सिंह के मेवाड़ राजवंश के प्रमुख के रूप में अनुष्ठानिक रूप से अभिषेक के बाद हुआ।

दशकों पुरानी पारिवारिक रंजिश का परिणाम

यह विवाद परिवार के भीतर लंबे समय से चली आ रही दरार का हिस्सा है। विश्वराज सिंह के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद यह विवाद और बढ़ा। अरविंद सिंह ने सार्वजनिक नोटिस के जरिए चेतावनी दी थी कि मंदिर और सिटी पैलेस में विश्वराज सिंह का प्रवेश गैरकानूनी होगा।

कानूनी और पुलिस कार्रवाई

सिटी पैलेस के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे विश्वराज सिंह और उनके समर्थक पैलेस में प्रवेश न कर सकें। बातचीत के प्रयास असफल रहे, जिसके बाद समर्थक जगदीश चौक में इकट्ठा हुए। पत्थरबाजी के बाद जिला प्रशासन ने धूनी माता मंदिर को अपने कब्जे में ले लिया।

अरविंद सिंह का विरोध और चेतावनी

अरविंद सिंह, जो श्री एकलिंगजी ट्रस्ट के चेयरमैन हैं, ने स्थानीय अखबारों में नोटिस छपवाकर चेतावनी दी थी कि प्रवेश से संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है और कानूनी कार्रवाई होगी।

पारिवारिक कलह के पीछे की कहानी

राजपरिवार के भीतर यह विवाद नई बात नहीं है। महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच यह दरार समय-समय पर सार्वजनिक रूप से सामने आती रही है। इस घटना ने राजवंशीय विरासत और पारिवारिक तनाव को फिर से उजागर कर दिया है।

प्रशासन की भूमिका और प्रतिक्रिया

जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल और एसपी योगेश गोयल ने विवाद को शांत करने की कोशिश की। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच संवाद विफल रहा। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सार्वजनिक और ऐतिहासिक महत्व का केंद्र

उदयपुर का सिटी पैलेस और एकलिंगजी मंदिर न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि स्थानीय जनता के लिए भावनात्मक महत्व रखते हैं। ऐसे में इस विवाद का समाधान स्थानीय संस्कृति और शांति के लिए आवश्यक है।


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