राजस्थान में शिक्षा में नया युग: सरकारी और निजी स्कूलों के लिए ड्रेस कोड में एकरूपता
के कुमार आहूजा 2024-11-26 16:17:28

राजस्थान सरकार ने राज्य की शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी और निजी स्कूलों के ड्रेस कोड को एक समान बनाने का फैसला लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य अमीर और गरीब के बीच की खाई को पाटना और छात्रों में समानता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
विद्यार्थियों के लिए नई सुविधाएं
सरकार ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों और 9 से 12 की बालिकाओं को निशुल्क बैग वितरित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, आगामी महीनों में लगभग 1.25 लाख बालिकाओं को साइकिल वितरित की जाएगी। सीएम भजनलाल ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण समय पर किया जाए।
खाली पदों पर तेजी से नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द भरने का आश्वासन दिया। अब तक लगभग 20,000 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। 5,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, और दिसंबर तक 515 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
निजी स्कूलों पर नियंत्रण
सरकार ने निजी स्कूलों में मनमानी रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब छात्रों की वर्दी, जूते, टाई आदि किसी भी दुकान से खरीदे जा सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य अभिभावकों को आर्थिक शोषण से बचाना और छात्रों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।
सुरक्षा और अनुशासन में सुधार
सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, स्कूलों में शौचालयों और कक्षाओं की मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भामाशाहों से इस कार्य में सहयोग की अपील की है।
यह पहल राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार की यह योजना विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने और शिक्षा के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करने का प्रयास है।