मध्य प्रदेश सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने का किया ऐलान
के कुमार आहूजा 2024-11-26 15:36:22

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पेपर लीक मामलों पर नकेल कसने के लिए नया सख्त कानून लाने जा रही है। यह कानून आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान करेगा। यह कदम केंद्र सरकार के पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस एक्ट, 2024 के अनुरूप है।
परीक्षाओं और भर्तियों में पारदर्शिता की दिशा में कदम
यह कानून विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं, प्रोफेशनल कोर्सों के एडमिशन टेस्ट और सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित भर्तियों पर लागू होगा। इसमें पेपर लीक, नकल माफिया की सक्रियता, और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर परीक्षा आयोजक एजेंसी की गलती पाई जाती है, तो उसे एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उम्मीदवारों को भी गंभीर सजा का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें एक साल तक किसी परीक्षा में बैठने पर रोक लगाई जा सकती है।
अन्य राज्यों की तरह सख्त कानून लागू करने की पहल
झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, और गुजरात जैसे राज्यों ने पहले ही ऐसे कानून बनाए हैं। इन राज्यों में परीक्षाओं और भर्तियों से जुड़ी धांधली पर रोक लगाने के लिए कठोर सजा दी जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार भी इस दिशा में कदम उठाकर शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने की कोशिश कर रही है।
कानून का ड्राफ्ट: विधानसभा सत्र में होगा पेश
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस कानून का मसौदा तैयार किया है, जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। इसके तहत न केवल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, बल्कि यह छात्रों को परिश्रम से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करेगा।
भविष्य की शिक्षा प्रणाली होगी पारदर्शी
पेपर लीक और भर्ती घोटाले जैसे मामलों ने कई बार राज्य सरकार की छवि को धूमिल किया है। यह कानून न केवल अनुचित साधनों पर रोक लगाएगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।