केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्रांसफर से भर्ती के मामले पर महत्वपूर्ण आदेश
के कुमार आहूजा 2024-11-25 20:56:43

केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है, जिसमें एक व्यक्ति की टाइपिस्ट के पद पर नियुक्ति को लेकर 'ट्रांसफर से भर्ती' के नियमों पर विचार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब एक कर्मचारी की प्रमोशन के बाद उसे इस पद के लिए आवेदन करने से बाहर कर दिया गया। अदालत ने इस मामले में 'ट्रांसफर से भर्ती' के नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।
ट्रांसफर से भर्ती के नियमों पर अदालत की टिप्पणी:
केरल हाई कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच, जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक और जस्टिस पी. कृष्ण कुमार ने इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि 'ट्रांसफर से भर्ती' के तहत उम्मीदवार का चयन तब तक सही नहीं माना जा सकता जब तक कि भर्ती के विज्ञापन में निर्धारित सभी शर्तों का पालन न किया जाए। अदालत ने कहा कि, "जब विज्ञापन में यह कहा गया हो कि ट्रांसफर से भर्ती केवल कम वेतन वाले कर्मचारियों से की जाएगी, तो इसका अर्थ यह है कि उम्मीदवार का वेतन भर्ती के समय निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए, और उच्च वेतन वाले कर्मचारियों को भर्ती में शामिल नहीं किया जा सकता।"
केस की पृष्ठभूमि और कर्मचारी की स्थिति:
यह मामला उस समय उत्पन्न हुआ जब एक कर्मचारी, जो कि ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में ड्राइवर ग्रेड II (HG) के रूप में कार्यरत था, ने केरल सरकार के अधीन एक टाइपिस्ट के पद पर ट्रांसफर से भर्ती के लिए आवेदन किया था। संबंधित विज्ञापन के तहत, इस पद के लिए आवेदन करने के लिए केवल कम वेतन वाले कर्मचारियों को ही पात्र माना गया था। कर्मचारी का वेतन उस समय ₹18,000-41,500 था, जो उस पद के लिए निर्धारित वेतन से कम था।
नामांकित सूची से बाहर होने का कारण:
हालाँकि, भर्ती प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि कर्मचारी को प्रमोशन मिल चुका था और अब उसका वेतन ₹20,000-45,800 हो गया था। चूँकि इस नए वेतन के साथ वह पद के लिए योग्य नहीं था, उसे नामांकित सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद उसने केरल प्रशासनिक न्यायाधिकरण में अपील की, लेकिन न्यायाधिकरण ने उसकी याचिका खारिज कर दी।
हाई कोर्ट का फैसला और कानूनी तर्क:
केरल हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार की पात्रता भर्ती की अंतिम तिथि के आधार पर तय की जाती है, तो ट्रांसफर से भर्ती के मामले में भी यह नियम लागू होता है। उन्होंने यह भी कहा कि "जब भर्ती के लिए विज्ञापन में यह कहा गया हो कि पात्रता केवल कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए है, तो यह शर्त तब तक बनी रहती है जब तक नियुक्ति नहीं हो जाती।"
न्यायिक निर्देश:
अदालत ने यह निर्णय भी दिया कि 'ट्रांसफर से भर्ती' एक अलग प्रक्रिया है, जिसमें केवल उन कर्मचारियों को नियुक्ति दी जाती है जिनका वेतन उस पद के लिए निर्धारित सीमा से अधिक न हो। इसलिए, उस कर्मचारी को इस प्रक्रिया से बाहर किया गया था जो उच्च वेतन प्राप्त कर चुका था।
इस प्रकार, केरल हाई कोर्ट ने इस मामले में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। यह फैसला सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में स्पष्टता और निष्पक्षता की ओर एक कदम और बढ़ता है।