दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 232 GDMO की नियुक्ति, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
के कुमार आहूजा 2024-11-25 17:19:43

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी.के. सक्सेना ने शहर के सरकारी अस्पतालों में 232 जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर्स (GDMOs) की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह कदम लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है। राज निवास के अनुसार, यह निर्णय राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अस्पतालों को मिलेंगे नए डॉक्टर
नए नियुक्त GDMOs को लोक नायक, राजा हरीश चंद्र, लाल बहादुर शास्त्री और दीन दयाल उपाध्याय जैसे प्रमुख अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, ये डॉक्टर मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों के कार्यालयों में भी सेवाएं देंगे। यह नियुक्तियां संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के माध्यम से की गई हैं, जो अब तक अनुबंध और अस्थायी नियुक्तियों पर निर्भर स्वास्थ्य सेवाओं को स्थायित्व प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
राज निवास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन नियुक्तियों से सरकारी अस्पतालों में स्थाई डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने और अस्पतालों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। दिल्ली के अस्पताल लंबे समय से डॉक्टरों की कमी और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप कदम
दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही शहर के अस्पतालों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए थे। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह स्वास्थ्य ढांचे को शहर की बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप बनाएं। डॉ. एस.के. सरीन की अध्यक्षता वाली समिति ने भी मानव संसाधन की कमी को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बाधा बताया था। इस पृष्ठभूमि में, यह नियुक्ति उच्च न्यायालय की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए की गई है।
भविष्य के लिए योजना
यह कदम दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नई नियुक्तियों से न केवल डॉक्टरों की कमी पूरी होगी, बल्कि इससे मरीजों को त्वरित और प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह प्रयास राजधानी की जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।