मैं जो कुछ कहूंगा, सच कहूंगा, सच के सिवा और बीकानेर के लिए कुछ नहीं कहूंगा, चिंतक ,विचारक ,लेखक ,संपादक बीकानेर एक्सप्रेस पूर्व पी आर ओ: मनोहर चावला
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-11-25 17:06:19
सागर से मोती ढूँढना आसान है लेकिन इस शहर को समझना मुश्किल !
आई लव माई बीकानेर
——— मनोहर चावला
बीकानेर में सुविधाओं की भरमार है
इसलिये मुझे इस शहर से प्यार है! आई लव बीकानेर। आई हैव सो मैनी रीज़न इन माई पॉकेट टू लव बीकानेर। आगे बढ़ने से पहले मैं स्पष्ट कर दूँ कि ख़ाकसार पी कर अंग्रेज़ी नहीं बोल रहा। और हाँ, ये कोई व्यंग्य नहीं है और ना ही कोई चुटकी है। ये हकीकत है। क्योंकि मैंने ५५ साल पहले अपने अख़बार का टाइटल भी बीकानेर एक्सप्रेस लिया था। बीकानेर से मुझे प्यार हो गया था। और मैंने यहाँ हर मिलने वाली सुविधाओं को भोगा। इस हकीकत को आप भी देखते हो, भोगते हो और ख़ाकसार भी। बीकानेर में उपलब्ध सुविधाएं बिना भेदभाव के सभी के लिये उपलब्ध है। जो जितना सक्षम है वो उतना ज्यादा इन सुविधाओं का उपयोग और भोग कर सकता है। अगर किसी को इन सुविधाओं से परेशानी/दिक्कत है तो वो उसकी पर्सनल प्रॉबलम है, शहर की नहीं। तो चलिये उन सुविधाओं का जिक्र करते हैं, जो हमारे महाराजा राव बीकाजी द्वारा बसाये और हमारे द्वारा बनाये गये शहर में उपलब्ध हैं।
कोई कहीं भी गाड़ी पार्क कर सकता है; कोई रोकने वाला नहीं, यहाँ तक कि सड़क पर भी। आप नाली से आगे सड़क पर अपनी दुकान लगा सकते हो। नालों पर कचौड़ी समोसे की दुकान खोल सकते है। अपनी कार के लिये जगह रोक सकते है। रेहड़ी लगा सकते है। ग्राहक रेहड़ी के आगे वाहन लगा कर सामान खरीद सकता है। आप अपना वाहन सड़क पर खड़ा करके इधर-उधर सैर भी कर सकते हो। ये सुविधा गली मोहल्ले से लेकर मुख्य बाजार तक फ्री में उपलब्ध है। यहाँ तक कि कवर ए माइनर पर आप अपना कारोबार कर सकते हैं। दुकान खोल सकते हैं। आवागमन बाधित कर सकते हैं। कोई तीन पाँच करे तो धमका भी सकते हैं।
नगर निगम कोई चालान नहीं करेगी, चाहे जहां कचरा फेंको। पालतू जानवरों की गंदगी सड़क पर करवाओ। सड़क पर बिना अनुमति के कोई भी आयोजन करो...ट्रैफिक! ट्रैफिक की फिक्र मत करो, वो अपने आप इधर उधर की पतली गलियों से निकल जायेगा। साहब जी! ये तो कुछ भी नहीं...आप चाहो तो पूरी सड़क रोक लो...कोई कुछ भी नहीं कहेगा। लोकतन्त्र में ये सुविधा ईश्वर का प्रसाद है। सभी को मिलता है। जिसकी अप्रोच प्रसाद बांटने वालों तक है, उनको थोबे भर भर मिल सकता है। और तो और साहब, आप चाहे तो सड़कों पर वाहन बाजार लगा सकते हो। क्योंकि ये सड़कें तो सरकारी है और जो सरकारी है वो यकीनन हमारी है।
जब चाहे जो व्यक्ति कोलाहल कर सकता है। इसके लिये कोई वक्त भी नहीं है। आप ऐसा कभी भी कर सकते हैं।तेज आवाज मेँ विभिन्न प्रकार के हॉर्न बजाने पर कोई रोक टोक नहीं है। ये हॉर्न आप स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल के सामने भी बजाओगे तो कोई कुछ भी नहीं कहता। गली- मोहल्ले में कबाड़ी वाला- झाड़ू वाला- सब्ज़ी वाला लाउड स्पीकर के माध्यम से आपको सोया हुए जगायेगा तो यह आपकी ख़ुशनसीबी है। और हाँ डाक्टरों को घरों में दिखाने के भी बहुत फ़ायदे है। डाक्टर तो सिर्फ़ देखने के २०० रू लेगा लेकिन जाँचे लगभग २५०० की और दवाईया अपनी दुकान से २००० रू की ख़रीदवायेगा। इतना सस्ता डाक्टर तो हमारे शहर में ही मिलेगा। शहर की विशेषता एक और - हिचकोले मुफ़्त में मिलेंगे। क्योंकि सारी सड़के उधड़ी हुई है। चाहे टेम्पो में जाओ या स्कूटर पर हड्डी- पसली टूटेगी ही। डाक्टरों की इनकम तो होगी ना। लेकिन आपके शरीर की ओवरहोलिंग मुफ़्त में हो जायेगी। इतनी सुविधाएं जिस शहर मेँ मुफ्त मिल रहीं हों, उस शहर को ख़ाकसार प्यार ना करे तो और क्या करे। आप एक एक सुविधा पर गौर करो, आप भी यकीनन इस बीकानेर से प्यार करने लगेंगे। क्योंकि ये शहर है ही प्यार करने के काबिल। यहाँ के बन्दे- मिठाइयाँ- रसगुल्ले- कचौड़ी - समोसे और पाटों पर राजनीतिक चर्चाये विख्यात है ही - साथ ही यहाँ का आदमी मिलनसार और काफ़ी धीरजवाला है। अनेकों सालों से ख़ुशी - ख़ुशी रेल फाटक की समस्या सहन कर रहा है परन्तु उफ तक नहीं करता। वे मिलने वाली हर सुविधा से सन्तुष्ट हैं। हो सकता है आपकी नजर मेँ कुछ सुविधाएं हों, जिनका जिक्र यहाँ होने से रह गया हो। ख़ाकसार की नजर मेँ आप स्ट्रीट क्राइम को छोड़ कर कुछ भी कर सकते हो। पुलिस भी कुछ नहीं कहने वाली। हाँ, स्ट्रीट क्राइम किया तो पक्का पुलिस आपको पकड़ लेगी।इसलिए बीकानेर ज़िन्दाबाद है ज़िन्दाबाद रहेगा। मैं जो कुछ कहूंगा, सच कहूंगा, सच के सिवा और बीकानेर के लिए कुछ नहीं कहूंगा, चिंतक ,विचारक ,लेखक ,संपादक बीकानेर एक्सप्रेस पूर्व पी आर ओ: मनोहर चावला