बीकानेर में शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ का अनिश्चितकालीन धरना 24 नवंबर 2024 को 22 वें दिन भी जारी


के कुमार आहूजा  2024-11-25 06:43:32



शिक्षा निदेशालय बीकानेर के समक्ष  जारी अनिश्चितकालीन धरना

शिक्षा विभागीय कर्मचारियों की लंबित मांगों पर अडिग संघ

रहा। प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य और संस्थापक मदन मोहन व्यास के नेतृत्व में यह धरना शिक्षा निदेशालय के समक्ष पिछले 20 दिनों से लगातार जारी है। कर्मचारियों ने रिव्यू और नियमित डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की प्रक्रिया को लागू करने और ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए शत-प्रतिशत पदों को भरने की मांग की है।

अनिश्चितकालीन धरना: अब 28 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास तक मार्च का ऐलान

संघ ने चेतावनी दी कि यदि 25 नवंबर 2024 तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 28 नवंबर से आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा। इस दौरान सचिवालय जयपुर से मुख्यमंत्री आवास और राज्यपाल महोदय के आवास तक पैदल मार्च किया जाएगा। तब तक बीकानेर में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

कर्मचारियों और संगठनों का व्यापक समर्थन

धरने को कई संगठनों और कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त है। इसमें प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र महासंघ के जितेंद्र गहलोत, विष्णुदत्त पुरोहित, सुनील कुमार सिडाणा, और मनीष शर्मा जैसे कर्मचारी नेता भी शामिल हुए। पार्षदों और उपमहापौर राजेंद्र पंवार ने भी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। पार्षदों में ज्योति देवी, अब्दुल वहीद, मजिदन, और चेतना चौधरी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

शिक्षा विभाग पर कर्मचारियों का आरोप

कर्मचारी संघ का आरोप है कि मंत्रालयिक संवर्ग को रिव्यू और नियमित डीपीसी का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसके विपरीत, अन्य संवर्ग को पदोन्नति के लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। यह विभाग के कथित दोहरे मापदंडों को दर्शाता है। संघ का दावा है कि उनकी मांगें न केवल जायज हैं, बल्कि कर्मचारियों के कार्य संतोष और विभागीय प्रदर्शन के लिए भी आवश्यक हैं।

धरना खत्म करने की मांग पर बातचीत अधर में

हालांकि, शिक्षा निदेशालय और संघ के बीच बातचीत अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। लेकिन, कर्मचारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।


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