एनसीसी के साहसिक सफर ने गंगा सफाई को दिया नया संदेश, पाटलिपुत्र से फारक्का तक साहसिक यात्रा
के कुमार आहूजा 2024-11-24 15:03:07

पटना के दीघा मरीन ड्राइव पर 29वीं बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित एक साहसिक अभियान में 528 कैडेट्स ने गंगा और अन्य नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया। इस आयोजन का शुभारंभ बिहार और झारखंड एनसीसी के एडीजी, कर्नल ए.एस. बजाज ने किया। यात्रा पटना के दीघा घाट से शुरू होकर फारक्का तक चली, जहां कैडेट्स ने "स्वच्छ गंगा" और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अभियान के उद्देश्य और गतिविधियां
एनसीसी कैडेट्स ने इस यात्रा के दौरान न केवल साहसिक नाव यात्रा में भाग लिया, बल्कि 'स्वच्छ भारत' अभियान के तहत गंगा के किनारों की सफाई और प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए भी काम किया। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य नदियों की सांस्कृतिक महत्ता को समझाना और युवाओं में साहसिकता और सेवा का भाव पैदा करना था।
यात्रा के छह चरण और रास्ता
यह यात्रा छह चरणों में संपन्न हुई, जिसने कानपुर से कोलकाता तक 1,200 किमी की दूरी तय की।
पहला चरण: कानपुर से प्रयागराज (260 किमी)
दूसरा चरण: प्रयागराज से वाराणसी (205 किमी)
अन्य चरण: बक्सर, पटना, और अंत में फारक्का होते हुए कोलकाता तक।
हर चरण में कैडेट्स ने नदियों के किनारे पर्यावरणीय जागरूकता के कार्य किए।
कर्नल बजाज का संदेश
कर्नल ए.एस. बजाज ने कहा कि एनसीसी के पास वर्तमान में 17 लाख कैडेट्स हैं, और अगले तीन वर्षों में यह संख्या 20 लाख तक पहुंच जाएगी। उन्होंने इस अभियान को एनसीसी के प्रशिक्षण कार्यक्रम का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए जीवन में एक अनूठा अनुभव है।
गंगा के स्वच्छता अभियान में एनसीसी का योगदान
यह अभियान न केवल साहसिक गतिविधियों के लिए उल्लेखनीय है, बल्कि गंगा की स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए एनसीसी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने में मदद करते हैं।