आज हो जाएगा फैसला राजस्थान उपचुनाव: सात सीटों पर किसकी होगी जीत? मतगणना की तैयारियां पूरी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2024-11-23 06:06:39

राजस्थान में हाल ही में 13 नवंबर 2024 को सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संपन्न हुए, जिनके नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे से त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रारंभ होगी। इन सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर है, जहां कांग्रेस और भाजपा के साथ ही क्षेत्रीय पार्टियां जैसे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और भारत आदिवासी पार्टी भी मैदान में हैं।
चुनावी मैदान और पार्टियों के दावे
इन उपचुनावों में झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूंबर, चौरासी, और रामगढ़ सीटें शामिल हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सभी सीटों पर अपनी जीत का दावा किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी सभी सात सीटों पर "कमल" खिलाने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे भाजपा के "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" करार दिया।
मतगणना की तैयारियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, मतगणना कुल 141 राउंड में संपन्न होगी। इसके लिए 98 टेबल लगाए गए हैं। सभी सात सीटों पर ईवीएम और पोस्टल बैलट दोनों की गिनती होगी। पोस्टल बैलट के लिए 39 टेबल और ईटीपीबी (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट) के तहत कुल 5,465 मतपत्र जारी किए गए थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मतगणना स्थलों पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
सीटों की पृष्ठभूमि और मतदान प्रतिशत
इन उपचुनावों में अधिकतर सीटें सांसद बनने और विधायकों के निधन के कारण खाली हुई थीं। झुंझुनूं, दौसा, और चौरासी जैसी सीटों पर मतदान प्रतिशत 50% के आसपास रहा, जबकि रामगढ़ में सर्वाधिक 60% से अधिक वोटिंग हुई। इन आंकड़ों ने इन क्षेत्रों में सियासी दलों की मेहनत और जनता की जागरूकता को दर्शाया है।
सियासी महत्व और संभावनाएं
इन उपचुनावों के नतीजे न केवल वर्तमान सरकार की लोकप्रियता का आकलन करेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय करेंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई है, जबकि क्षेत्रीय पार्टियों के प्रदर्शन पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।