(अब खबर कुछ खाकी और हमारे सीमा रक्षक फौजी भाइयों की) सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के लिए अहम पहल: आईजी एम.एल. गर्ग ने दी सतर्क रहने की सलाह
के कुमार आहूजा 2024-11-16 20:22:59
राजस्थान के बीकानेर जिले में, अंतरराष्ट्रीय भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, राजस्थान फ्रंटियर के आईजी एम.एल. गर्ग ने हाल ही में सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरे में उन्होंने आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के साथ संवाद किया, ताकि वे पीआईओ (पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव), ड्रोन गतिविधियों और हनी ट्रैप जैसी गंभीर घटनाओं से सतर्क रहें। इस रिपोर्ट में हम आपको उन अहम घटनाओं और सुरक्षा उपायों के बारे में बताएंगे, जो आईजी गर्ग के इस दौरे के दौरान सामने आईं।
जन संवाद: सीमावर्ती इलाकों में लोगों को सचेत रहने की सलाह
इस दौरे के दौरान, आईजी गर्ग ने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की कि वे पाकिस्तान की इंटेलिजेंस गतिविधियों और ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी से सावधान रहें। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों और अन्य अवैध सामग्रियों की तस्करी हो रही है, और ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए बीएसएफ ने उच्च तकनीकी उपायों को अपनाया है। उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि अगर वे कोई संदिग्ध गतिविधि देखते हैं तो बीएसएफ को तुरंत सूचित करें।
बीएसएफ की रणनीतियां और जनता को दी गईं सुरक्षा सलाहें
आईजी गर्ग ने बीएसएफ के जवानों के साथ चर्चा की और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विचार किया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों को ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। साथ ही, उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों को पाकिस्तान की जासूसी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के बारे में भी आगाह किया।
ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी
सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए हो रही अवैध गतिविधियों को लेकर आईजी गर्ग ने विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ड्रोन रोधी तकनीकों को मजबूत किया जा रहा है ताकि तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। बीएसएफ द्वारा 38 ड्रोन गतिविधियों पर कार्रवाई की गई है और इन प्रयासों को और तेज किया जाएगा।
सामाजिक भागीदारी से होगी सीमा सुरक्षा मजबूत
आईजी गर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों का काम नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से कहा कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दें और सूचना देने में कोई देरी न करें, क्योंकि उनकी मदद से ही राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है।
नवीन स्मृति भंडार का उद्घाटन
इस दौरे के दौरान, आईजी गर्ग ने सांचू बॉर्डर पर एक स्मृति भंडार का उद्घाटन भी किया। यह भंडार पर्यटकों को बीएसएफ से जुड़ी वस्त्रों और स्मृति चिन्हों को खरीदने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सैनिकों और आम नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।
आईजी एम.एल. गर्ग का यह दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए अहम कदम साबित हुआ है। उन्होंने बीएसएफ के साथ मिलकर न केवल सुरक्षा रणनीतियों की समीक्षा की, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक भी किया। यह कदम सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच एक मजबूत तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।