24 वर्षीय ब्रेन डेड दीपक के अंगदान से तीन लोगों को नई जिंदगी, रोड एक्सीडेंट के बाद परिवार ने लिया मानवीय निर्णय
के कुमार आहूजा 2024-11-05 16:21:41

जोधपुर के दीपक की कहानी, जिसने अपनी ज़िंदगी खोने के बाद भी तीन लोगों को नया जीवन दिया, दिल को छू लेने वाली है। एक सड़क दुर्घटना में घायल होकर दीपक को मृत घोषित किया गया, लेकिन उनके परिवार ने ऐसा निर्णय लिया जिससे उनके अंगों से अन्य तीन लोग ज़िंदा रह पाएंगे। इस असाधारण कदम से अंगदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।
दीपक की दुर्घटना और इलाज
21 अक्टूबर की रात को जोधपुर के पास एक टोल प्लाजा पर हुए हादसे में दीपक बुरी तरह घायल हो गए थे। वे अपने सहकर्मी अनुराग के साथ आपातकालीन लेन में बैठे थे जब एक तेज़ रफ्तार एसयूवी ने दीपक को टक्कर मार दी। इस टक्कर का कारण एसयूवी चालक का तेज़ गति में आकर गलत लेन में प्रवेश करना बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर फिटकासनी गांव का निवासी है और उसने पहले टोल पार करने के बाद फिर से गलत दिशा में प्रवेश किया।
दीपक के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद का निर्णय
घटना के बाद दीपक को जोधपुर के एम्स में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक इलाज के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद, उनके परिवार ने एक मानवीय फैसला लिया और दीपक के अंगों को दान करने की स्वीकृति दी। एम्स के किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. ए. एस. संधू ने इस फैसले के लिए परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार ने बहुत धैर्य और साहस के साथ अंगदान का फैसला लिया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिलेगा।
दान के माध्यम से नई जिंदगी
दीपक का लिवर जोधपुर एम्स के एक मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। उनकी एक किडनी और पैनक्रियास पीजीआई चंडीगढ़ में एक और मरीज को दी गई, जबकि दूसरी किडनी दिल्ली के आईएलएसबी अस्पताल में एक अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को दी गई। मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. महेश देवनानी ने बताया कि इस घटना से प्रेरित होकर एम्स जोधपुर अब 'सोतो' संस्था के साथ मिलकर ब्रेन डेथ और अंगदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है।
सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता
यह घटना टोल प्लाजा और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा और सावधानी की अनिवार्यता को भी उजागर करती है। दीपक की मौत के बाद पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, और एसयूवी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार की दुर्घटनाओं का मुख्य कारण सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाना और सुरक्षा मानकों का पालन न करना है।
अंगदान से जीवनदान का संदेश
दीपक के परिवार के इस फैसले ने न केवल तीन लोगों की ज़िंदगी बचाई, बल्कि समाज को भी एक प्रेरणा दी है कि कैसे हम अपनी मृत्यु के बाद भी दूसरों के लिए कुछ कर सकते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदमों से ब्रेन डेथ और अंगदान की ओर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा। इस घटना के बाद दीपक का परिवार और जोधपुर एम्स का स्टाफ समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने की योजना बना रहे हैं ताकि भविष्य में अधिक लोग इस पुनीत कार्य की ओर प्रेरित हो सकें।
समाज के लिए प्रेरणा
अंगदान के इस मानवीय और प्रेरणादायक निर्णय ने यह संदेश दिया है कि हमारे अंगों के माध्यम से हम दूसरों को जीवन दे सकते हैं। इस घटना ने अंगदान के महत्व को और प्रासंगिक बना दिया है और उम्मीद की जा रही है कि इससे प्रेरित होकर समाज के अन्य लोग भी इस दिशा में कदम बढ़ाएंगे।